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रासायनिक संरक्षण

पुरातत्वीय संपदा किसी स्थान की तद समय की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक स्थिति को प्रदर्शित करती है | अत: पुरातत्वीय संपदा का संरक्षण एवं अनुरक्षण उसे भविष्य के लिए सुरक्षित करने के लिए किया जाना आवश्यक है | संचालनालय की रासायनिक संरक्षण शाखा द्वारा राज्य संरक्षित स्मारकों, पुरावशेषों जो कि विभिन्न संग्रहालयों में प्रदर्शित एवं संग्रहीत है तथा इंडियन ट्रेजर रोव एक्ट 1878 के अंर्तगत प्राप्त पुरावशेषों का रासायनिक संरक्षण उनको भविष्य के लिए संरक्षित करने के  लिए किया जाता हैं |

क्षरण एक प्राकृतिक प्रक्रिया है प्रत्येक वस्तु समय के साथ क्षरित होती है | किसी भी वस्तु के क्षरण की गति उसके आस-पास के वातावरण एवं पुरावशेषों की संरचना एवं क्षरण के कारकों की प्रकृति पर निर्भर होती है | आद्रता की पुरावशेषों की क्षरण की क्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका है |

स्मारक एवं पुरावशेष क्षरण के कारको द्वारा प्रभावित होते है | क्षरण के कारकों को निष्क्रिय भौतिक एवं रासायनिक क्रिया के द्वारा किया जाता है | स्मारक एवं पुरावशेषों के क्षरण के कारको को निष्क्रिय करने के उपरांत इन्हें प्रिजर्वेटिव द्वारा संरक्षित किया जाता है |

शैल चित्रों एवं वाघ पेंटिंग की प्रतिकृति में कई प्रकार की संरक्षण की समस्याएं द्रष्टिगत हुई जिनमें मुख्य निम्नलिखित हैं :

  1. माइक्रो एवं मेक्रों क्रेक्स
  2. लेक ऑफ़ एडिसन
  3. आद्रता का प्रभाव
  4. वाटर सीपेज
  5. तापमान में अत्याधिक परिवर्तन
  6. ईरोजन
  7. लेक्यूनी
  8. अल्ट्रा वाइलेट रेडियेशन का प्रभाव
  9. उक्त क्षरण के कारकों के प्रभाव को यथोचित अभिकर्मक की सहायता से निष्क्रिय कर उन्हें रिस्टोर किया गया | अन्त में उन्हें preservative के घोल के द्वारा संरक्षित किया गया |

रसायन शाखा की मुख्य उपलब्धिया निम्न है :

  1. पोर के दत्ता, तहसील देवरा, जिला छतरपुर म.प्र. के शैल चित्रों का रासायनिक संरक्षण कार्य |
  2. पुतरियों के दत्ता, तहसील देवरा, जिला छतरपुर म.प्र. के शैल चित्रों का रासायनिक संरक्षण कार्य |
  3. राजा महल, जहाँगीर महल, ओरछा जिला टीकमगढ़ म.प्र. के भित्ति चित्रों का रासायनिक संरक्षण कार्य |
  4. वाघ पेंटिंग की प्रतिकृतियों, भोपाल का रासायनिक संरक्षण कार्य |

रासायनिक संरक्षण कार्य

रॉक कट गुफा, ग्वालियर
रासायनिक संरक्षण कार्य पूर्व रासायनिक संरक्षण कार्य पश्चात्
जहाँगीर महल, ओरछा, जिला टीकमगढ़
रासायनिक संरक्षण कार्य पूर्व रासायनिक संरक्षण कार्य पश्चात्
महाराजा इन्द्रजीत की छत्री, दतिया
रासायनिक संरक्षण कार्य पूर्व रासायनिक संरक्षण कार्य पश्चात्
महाराजा परीक्षित की छत्री का मुख्य द्वार, दतिया
रासायनिक संरक्षण कार्य पूर्व रासायनिक संरक्षण कार्य पश्चात्
चारभुजा मंदिर, अजमेरा, जिला धार
रासायनिक संरक्षण कार्य पूर्व रासायनिक संरक्षण कार्य पश्चात्