Directorate of Archaeology, Archives and Museums

Government of Madhya Pradesh

Local Museum Raisen

संग्रहालय खुलने का समय प्रातः 10 बजे से सायः 5 बजे तक।

प्रत्येक सोमवार एवं शासकीय अवकाश के दिन संग्रहालय बन्द रहेगा।

 
Gujri-Mahal-Museum

रायसेन जिले की गौहरगंज तहसील में स्थित आशापुरी अपनी पुरातत्वीय वैभव के लिये प्रसिद्ध है। यहां ग्राम के समीपस्थ चार समूहों यथा आशादेवी मंदिर, भूतनाथ मंदिर, बिलौटा तथा सतमसियां में मंदिर के अवशेष विगत दशकों में चिन्हाकिंत हुये थे। यहां बिखरी पुरातत्वीय महत्व की कलाकृतियां विशेषतः प्रतिमाओं की सुरक्षा, अध्ययन व शोध को दृष्टिगत रखते हुए संकलन कर वर्ष 1977 में स्थानीय संग्रहालय की स्थापना की गई। इस प्रकार संग्रहालय में संग्रहीत प्रतिमाएं एवं पुरावशेष आशापुरी एवं समीपस्थ क्षेत्रों में पल्लवित तत्कालीन शिल्पकला का बोध कराती है।

Gujri-Mahal-Museum

इस संग्रहालय में बिलौटा मंदिर समूह से प्राप्त विष्णु चतुष्टिका तथा आस पास के अन्य मंदिरो से संकलित विष्णु के मोहिनी रूप की प्रतिमा, शिव, विष्णु, सूर्य, ब्रह्मा, हरिहर, दिक्पाल, एवं देवी प्रतिमाएं महत्वपूर्ण है। संग्रहालय में संग्रहीत विशालकाय गणेश की प्रतिमा अपनी विशालता तथा शिल्पकला की दृष्टि से अद्वितीय है। संग्रहालय में संग्रहीत बिलौटा से प्राप्त दो विष्णु चतुष्टिका शिल्पकला की द्रष्टि से महत्वपूर्ण है। इन दोनों ही चतुष्टिकाओं में नृसिंह, नृवराह, हरिहर एवं वामन का शिल्पाकंन है। ब्राह्मण देव-देवी प्रतिमाओं के अतिरिक्त जैन तीर्थंकर, यक्ष-यक्षिणी आदि की प्रतिमाएं भी प्रदर्शित है, जो सतमसिया मंदिर समूह से संकलित कर लाई गई है।

Gujri-Mahal-Museum

वर्ष 2010-11 में भूतनाथ मंदिर समूह से बड़ी संख्या में देवी-देवताओं की प्रतिमाएं प्राप्त हुई। यहाँ से संग्रहीत प्रतिमाओं में स्कन्दमाता, भिक्षाटन शिव, त्रिपुरान्तक एवं अन्धकासुर वध, वैद्यनाथ शिव एवं नायिका प्रतिमायें आदि हैं। संग्रहालय में प्रतिमाओं के अतिरिक्त मलवा सफाई में मंदिरों के भग्नावशेषो से प्राप्त ताबें के लोटे, कांस्य एवं अष्टधातु के कड़े, पाजेब के टुकड़े एवं सिक्कों को भी इसी संग्रहीत किया गया है, जो तत्कालीन कला एंव संस्कृति का बोध कराती है। इस प्रकार इस संग्रहालय में लगभग 450 पुरावशेष संग्रहित एंव प्रदर्शित है। संग्रहालय में पुरावशेषों का प्रदर्शन 5 वीथिकाओं एवं प्रागंण में किया गया है।