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District Archaeological Museum Dewas

जिला पुरातत्व संग्रहालय, देवास

मध्यप्रदेश के मालव अंचल में बसा देवास हाथी की सूंड के आकार की समुद्र की सतह से 1784 फीट ऊॅंची टेकरी की तलहटी में बसा हुआ है। देवास के भू-भाग पर मौर्य, शुंग, शक-क्षत्रप, कर्दमक, गुप्त, औलिकर, गुर्जर प्रतिहार, परमार मालवा के सुल्तान एवं मराठों (पवार) के अधीन रहा। इसी नगर में सन् 1939 में बना मल्हार स्मृति मंदिर में शासकीय संग्रहालय स्थापित हैं।
देवास में संग्रहालय स्थापना हेतु जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में गठित जिला पुरातत्व संघ द्वारा विभाग के सहयोग से वर्ष 1977-78 में मल्हार स्मृति मन्दिर में कुछ पुरा सामग्री का प्रदर्शन किया गया। जुलाई 1990 में देवास हेतु पूर्णकालिक संग्रहाध्यक्ष के पद की स्थापना की गई। प्रारंभ में संग्रहाध्यक्ष का कार्यालय भवगती सराय में स्थापित किया गया, जो वर्ष 1992 के सितम्बर माह में मल्हार स्मृति मन्दिर में स्थानान्तरित कर दिया गया।

सर्वप्रथम संग्रहालय हेतु देवास जिले की नदी बांध परियोजनान्तर्गत डूब क्षेत्र में संकलित कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया वर्तमान में यहां देवास जिले के क्षिप्रा, देवास, राजोर, नेमावर, खातेगांव, नवाड़ा, निमनपुर, दैयत, करोंद माफी, तुरनाल, कुण्डगाँव खुर्द, मानकुण्ड, पाल नगर, गन्धर्वपुरी, सीया, पीपलरावा, पोस्तीपुरा पलासी, गाजनपुर एवं उज्जैन जिले के रूनीजा से प्राप्त कलाकृतियां व पुरा सामग्री प्रदर्शित है।
संग्रहालय में प्रदर्शित पुरा सामग्रियों को निम्नानुसार वीथिकाओं में विभक्त किया गया है-
1. शैव वीथिका 2. पुरा वस्तु वीथिका 3. वैष्णव वीथिका 4. स्वाधीनता स्वर्ण जयन्ती वीथिका 5. जैन वीथिका 6. व्यन्तर एवं विविध वीथिका

वैष्णव वीथिका-

वैष्णव वीथिका में शेषशायी विष्णु, लक्ष्मी-नारायण, गरूड़ नारायण, विष्णु, नृसिंह, यज्ञवराह, विष्णु, ब्रह्मा, हनुमान एवं वैष्णवी मुख्य है। इस वीथी में प्रदर्शित सभी प्रतिमायें परमारकालीन हैं।






स्वाधीनता स्वर्ण जयन्ती वीथिका-

इस वीथिका में भारत के स्वतंत्रता से सम्बन्धित दस्तावेजों एवं स्वतंत्रता सेनानियों के छायाचित्र प्रदर्शित किये गये

जैन वीथिका-

देवास जिले में परमार काल में शैव एवं वैष्णव धर्म के साथ-साथ जैन धर्म पर्याप्त लोकप्रिय रहा है। संग्रहालय की इस वीथिका में महत्वपूर्ण एवं दुर्लभ जैन प्रतिमायें प्रदर्शित है। इस दीर्घा में पद्मनास्थ नेमिनाथ, दो जैन प्रतिमा वितान, गोमेध-अम्बिका आदि प्रदर्शित हैं।






व्यन्तर एवं विविध वीथिका-

इस वीथिका में प्रमुख प्रतिमाओं में सूर्य, इन्द्र, इन्द्राणी, वायु, कुबेर एवं विविध कलाकृतियां प्रदर्शित है। राजौर से प्राप्त स्तम्भ खण्ड पर लघुकृत सतम्भों से युक्त तीन रथिकायें अंकित है। इन रथिकाओं में योगासन मुद्रा में द्विभुजी सूर्य तथा समपाद मुद्रा में सूर्य की प्रतिमायें हैं।

संग्रहालय खुलने व बन्द होने का समय
संग्रहालय खुलने का समय प्रातः 10 बजे से सायः 5 बजे तक।
प्रत्येक सोमवार एवं शासकीय अवकाश के दिन संग्रहालय बन्द रहेगा।
प्रवेश शुल्क
भारतीय नागरिक रू. 5.00 प्रति व्यक्ति (15 वर्ष तक के बच्चे निशुल्क)
विदेशी नागरिक रू. 50.00 प्रति व्यक्ति
फोटोग्राफी शुल्क रू. 50.00 प्रति कैमरा
विडियोग्राफी शुल्क रू. 200.00 प्रति कैमरा