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District Archaeological Museum Kasrawad Khargon

संग्रहालय खुलने व बन्द होने का समय समय - प्रातः 10-00 से शाम 5-00 तक

प्रवेश शुल्क


भारतीय दर्शक -रू. 5.00 प्रति व्यक्ति (15 वर्ष तक के बच्चे निशुल्क)


विदेषी दर्शक - रू. 50.00 प्रति व्यक्ति

फोटोग्राफी - रू. 50.00 प्रति कैमरा


विडियों ग्राफी - रू. 200.00 प्रति कैमरा

नोटः-

  1. प्लास्टर कास्ट एवं प्रकाशन विक्रय केन्द्र पर विभागीय प्रकाशन की पुस्तकें, फोल्डर, पोस्ट कार्ड एवं प्लास्टर कास्ट प्रति कृतियां उपलब्ध हैं।
  2. प्रत्येक सोमवार एवं शासकीय अवकाश के दिन संग्रहालय बन्द रहेगा।
Gujri-Mahal-Museum

कसरावद, (22.82 उत्तर तथा 75.72 पूर्व) खलघाट-खरगोन मार्ग पर स्थित खरगोन जिले की तहसील मुख्यालय तथा कपास का प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है। ऐतिहासिक दृष्टि से आधुनिक कसरावद के विकास का क्रम मुगलकाल से प्रारंभ होता था। परंतु कसरावद के समीप ही ईट बैड़ी नामक स्थान पर हुए उत्खनन से कसरावद के गौरवशाली अतीत पर भी प्रकाश पड़ा है। ईट बैड़ी उत्खनन से प्राप्त पुरावेशषों के अध्ययन से स्पष्ट है कि कसरावद मौर्यकाल के बाद भी महत्वपूर्ण एवं समृद्धशाली नगर रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप ही यहां पर बौद्ध स्तूप, बौद्ध विहार, बौद्ध केन्द्र के रूप में फलते फूलते रहे। इस उत्खनन में यहां से प्राप्त मिट्टी के बर्तनों पर प्राकृत भाषा में ब्राम्ही लिपि में लेख भी पाये गये, जो संभवत् बौद्ध भिक्षु के नाम है।

Gujri-Mahal-Museum

निमाड़ क्षेत्र के इस गौरवशाली इतिहास के स्मृतियों को संजोने तथा इस क्षेत्र के विकसित संस्कृतियेां के गरिमामय उपस्थिति का जनसामान्य के लिये दर्शन हेतु तहसील मुख्यालय कसरावद में जिला पुरातत्व संग्रहालय स्थापित है। इस पुरातत्व संग्रहालय की स्थापना 25 जुलाई 2003 को हुई है। यह कसरावद तहसील के दक्षिण में पहाड़ी पर निर्मित है।

Gujri-Mahal-Museum

संग्रहालय की संकलित पुरावस्तुओं व पुरावशेषों में 212 पाषाण प्रतिमाऐं एवं एक लोहे की तोप एवं खलघाट, कटनेरा आदि पुरातात्विक उत्खनन से प्राप्त सामग्री भी प्रदर्शित की गयी है। जिसमें विभिन्न पात्रावशेष, हाथी दांत की चूड़ी, कांच की चूडी, मनके एवं अन्य सामग्री प्रदर्शित है।

इन पुरावशेषों के अतिरिक्त जिला धार स्थित तीन आदमकद विशाल प्रतिमाऐं बलराम-संकर्षण नृसिंह, विष्णु की फाइवर अनुकृतियां एवं मंदिरों के मॉडल स्थापित किये गये है। जो लोक संस्कृति से जुड़ी पुरासामग्री को विविधता प्रदान करतीं है।