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फ़ेलोशिप योजना

वरिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृतिः-

मध्यप्रदेश के पुरातत्व, इतिहास एवं संस्कृति के क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहित करने हेतु संस्थान दो वरिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृति प्रदान कर रहा है। इस योजना में कनिष्ठ अनुसंधान अध्येता को दो वर्ष रू. 40000/- प्रतिमाह अध्येतावृत्ति एवं रू. 50000/- की राशि प्रतिवर्ष आकस्मिक अनुदान प्रदाय किया जाता है।


आवेदनः-

अध्येतावृत्तियों हेतु आवेदन-पत्र अखिल भारतीय विज्ञापन के माध्यम के माध्यम से निर्धारित प्रारूप मे आमंत्रित किए जाते हैं।


आयु सीमाः-

आवेदक की आयु न्यूनतम 40 वर्ष एवं अधिकतम 65 होना चाहिए।


न्यूनतम योग्यताः-

अभ्यर्थी यू.जी.सी. से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से प्राचीन या मध्यकालीन भारतीय इतिहास/संस्कृति/पुरातत्व/संग्रहालय विज्ञान/कला का इतिहास/ पर्यटन व विरासत विषय मे स्नातकोत्तर हो एवं पुरातत्व या उपरोक्त में से किसी एक विषय का उत्कृष्ट विद्वान हो, साथ ही 15 वर्ष का शोध (सर्वेक्षण एवं उत्खनन) अनुभव हो एवं एक पुस्तक व 15 शोध पत्र राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हों। अथवा विश्वविद्यालय या महाविद्यालय स्तर पर 15 वर्ष का अध्यापन अनुभव एवं एक पुस्तक व 15 शोध पत्र राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हों।

उत्कृष्ट स्तर के शोध प्रकाशन/सर्वेक्षण/उत्खनन होने पर प्रकाशित शोध पत्रों की संख्या शिथिलनीय होगी।


संस्थान द्वारा 2014-15 में अवार्ड वरिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृतिः-

1. प्रो. रवि कोरिसेट्टर,
इन्दु निवास, संगम बिल्डिंग,
सप्तापुर लास्ट क्रास,
जया नगर, धारवाड़, 580001
विषय:- Prehistoric Rock Art of M.P. and Peninsular South India a Comparative Study Testing the Hypothesis of Mobility range of Hunter-gatherer and Agro-Pastoral communities.

 अवधिः- दि. 01.03.2015 से 28.02.2017 तक


2. डॉ. श्यामशरण गुप्त,
118, फ्लैमिगो, आकृति ईको सिटी, भोपाल
विषयः- म.प्र. के चित्रित शैलाश्रयों में स्थित बौद्ध विहारों का गहन अध्ययन

अवधिः- दि. 01.03.2015 से 28.02.2017 तक



कनिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृतिः-

 मध्यप्रदेश के पुरातत्व, इतिहास एवं संस्कृति के क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहित करने हेतु संस्थान दो कनिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृति प्रदान कर रहा है। इस योजना में कनिष्ठ अनुसंधान अध्येता को दो वर्ष रू. 15000/- प्रतिमाह अध्येतावृत्ति एवं रू. 20000/- की राशि प्रतिवर्ष आकस्मिक अनुदान प्रदाय किया जाता है।


आवेदनः-

अध्येतावृत्तियों हेतु आवेदन-पत्र अखिल भारतीय विज्ञापन के माध्यम के माध्यम से निर्धारित प्रारूप में आमंत्रित किए जाते हैं।


आयु सीमाः-

आवेदक की आयु अधिकतम 30 होना चाहिए।


न्यूनतम योग्यताः-

आवेदक की आयु 30 से अधिक नहीं होना चाहिए अभ्यर्थी को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से प्राचीन अथवा मध्यकालीन भारतीय इतिहास/संस्कृति/ पुरातत्व/ संग्रहालय विज्ञान/कला का इतिहास विषय में स्नातकोत्तर उपाधि एवं पी.एच.डी. हेतु मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में पंजीकृत होना चाहिए। (एम.फिल.में अध्ययनरत छात्र अध्येतावृत्ति के पात्र नहीं होगें।) शोध का क्षेत्र एवं शीर्षक मध्यप्रदेश के प्राचीन/मध्यकालीन इतिहास/संस्कृति/पुरातत्व से संबंधित होना चाहिए।


संस्थान द्वारा 2014-15 में अवार्ड कनिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृतिः-

तृप्ति तिवारी,

558, शास्त्री कालोनी, महिदपुर,

जिला-उज्जैन, म.प्र.

विषयः-‘मालवा की मृणमूर्तिकला का पुरातात्विक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन अवधिः-दि. 01-03-2015 से 28-02-2017 तक

विश्वविद्यालयः-विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन