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जिला पुरातत्व संघ संग्रहालय, दमोह

संग्रहालय खुलने का समय प्रातः 10 बजे से सायः 5 बजे तक।

प्रत्येक सोमवार एवं शासकीय अवकाश के दिन संग्रहालय बन्द रहेगा।

 
Gujri-Mahal-Museum

परिचय

पुरातत्व अभिलेखागार तथा संग्रहालय विभाग ने दमोह में गिरजाघर में प्रतिमाऐं एकत्रित कर संग्रहालय का सूत्रपात चार दशक पूर्व कर दिया था। संग्रहालय के लिये विभाग द्वारा संरक्षित स्मारक किले भवन में संग्रहालय का प्रारंभ 25 अगस्त 1989 को तत्कालीन राज्यपाल सरला ग्रेवाल द्वारा किया गया।

Gujri-Mahal-Museum

संग्रहालय की विशिष्ट कृतियां

वर्तमान में कलाकृतियों की संख्या 273 है, जिनमें से 177 प्रतिमाऐं प्रदर्शित है, शेष 96 प्रतिमाऐं संग्रहालय के स्टोर में सुरक्षित है। 138 ताम्र मुद्राऐं भी संग्रह में है। संग्रहीत प्रतिमायें शैव, वैष्णव, शाक्त, जैन तथा बौद्ध संप्रदाय से संबंधित हैं। इन अतिरिक्त द्वारशाखायें, सिरदल, स्खलितवसना, दर्पण निहारती नायिका का भी संग्रह है। प्राचीनतम कृतियों में छठी-सातवीं शती का नृत्यवाद्य शिल्पखण्ड महत्वपूर्ण है। शेष कलाकृतियों में सूर्य, शिव, विष्णु, सिरदल की अधिकता है। नवग्रह, द्वार उत्तरंग भाग, गंगा यमुना अंकित द्वारशाखा भाग, कीचक/भारवाहक आकृतियां, गजशार्दूल, आमलक आदि महत्वपूर्ण है। संग्रहालय की विशिष्ट कृतियों में अभिज्ञानराम, हयग्रीव, गणेश, बुद्ध, सरस्वती आदि विशेष उल्लेखनीय है।